रिपोर्ट : रंजना तिवारी
बरहज (देवरिया), : नगर के सरयू तट के समीप प्राचीन हनुमान मंदिर में बुधवार से श्रीमद्भागवत कथा और श्री राम कथा का एक माह तक चलने वाला आयोजन शुरू हुआ। इस अवसर पर कथा के प्रथम दिन कानपुर से पधारीं साध्वी नीलेश शास्त्री ने भक्तों को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया।
कथा के दौरान साध्वी नीलेश शास्त्री ने कहा कि ज्ञान, भक्ति और वैराग्य बिना प्रभु कृपा के संभव नहीं है। उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए बताया कि बिना विश्वास के मन में भक्ति और वैराग्य का उदय नहीं हो सकता। "बिनु विश्वास भगति नहीं। परमात्मा के प्रति विश्वास के बिना जीवन में ज्ञान और भक्ति का उद्भव नहीं होता, और जब तक मनुष्य के भीतर ज्ञान और भक्ति नहीं होगी, तब तक वैराग्य प्राप्त नहीं हो सकता। परमात्मा के प्रति अनुराग ही वैराग्य का माध्यम है," उन्होंने कहा।
साध्वी ने आगे कहा, "मिलहि रघुपति बिनु अनुरागा। बिना परमात्मा के अनुराग के ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की प्राप्ति असंभव है।" कथा के प्रथम दिन हनुमान मंदिर के महंत त्यागी महाराज सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। यह कथा आगामी एक माह तक प्रतिदिन आयोजित होगी, जिसमें भक्तों को भक्ति और ज्ञान का रसपान करने का अवसर प्राप्त होगा।
