रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
आजमगढ़। जिले में पथरी का ऑपरेशन करने के बाद मरीज की मौत के बाद गुस्सा आए परिजनों ने अस्पताल के गेट पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे परिजनों का कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण मरीज की मौत हुई है। ऐसे में दोषी डॉक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों को समझाने बुझाने के प्रयास में लगी हुई है
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र के कंजरा दिलशादपुर की रहने वाली बिंदु देवी ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि मेरे पति भुवाल चौहान के पित्त की थैली में पथरी थी। ऐसे में हम लोगों ने 16 जून को जिले के रामा हॉस्पिटल में डॉक्टर अमित को दिखाया था। अस्पताल के डॉक्टर ने 16 तारीख को ही मरीज को भर्ती कर दिया था और ऑपरेशन करने की सलाह दी। ऑपरेशन के चार दिन बाद मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। हालांकि इस दौरान मरीज की स्थिति ठीक नहीं थी। जिस पर अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि कुछ दिन में आराम मिल जाएगा। ऐसे में हालत गंभीर होने पर परिजन इलाज के लिए वाराणसी लेकर गए जहां मौत हो गई। इस बारे में मृतक के भांजे विशाल चौहान ने बताया कि मेरे मामा के पथरी का ऑपरेशन हुआ। जब जांच हुई तब प्लेटलेट 46000 थी। ब्लड में इंफेक्शन था। हार्ट में प्रॉब्लम थी। इसके बाद भी आजमगढ़ के राम हॉस्पिटल के डॉक्टर अमित कुमार ने लापरवाही बरतते हुए ऑपरेशन कर दिया। जब हम लोग वाराणसी गए तो वहां के डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के कारण इंफेक्शन हो गया है जिस कारण मौत हुई है।
ऐसे में हम लोगों की मांग है कि दोषी डॉक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। आजमगढ़ जिले के अस्पताल पर आरोप लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी मऊ के एक मरीज ने लापरवाही बरतने का आरोप गैस्ट्रो के डॉक्टर पर लगाया था। हालांकि हंगामे की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई है।

