रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
उत्तर प्रदेश के कोपागंज ब्लॉक के बाबुपुर उर्फ शाहुपुर ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) बेकार पड़ा है। 2023 में इस केंद्र को लाखों रुपए की लागत से बनाया गया था।
केंद्र का मुख्य उद्देश्य गांवों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करके खाद बनाना था। इससे पंचायत की आय बढ़ाने की योजना थी। लेकिन ग्राम सचिव और प्रधान की उदासीनता के कारण यह केंद्र अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। यहां तक कि केंद्र की रंगाई-पुताई भी नहीं की गई है।
इस केंद्र के नहीं चलने से बाबुपुर उर्फ शाहुपुर ग्राम पंचायत के मोहल्लों में कूड़े के ढेर लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कूड़ा संग्रह की व्यवस्था भी नहीं की जा रही है। अधिकारी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यह स्थिति केवल एक गांव की नहीं है। कोपागंज विकास खंड के अधिकांश निस्तारण केंद्रों की हालत भी ऐसी ही है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बनाए गए ये केंद्र अब केवल प्रदर्शन की वस्तु बनकर रह गए हैं।
