रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ, उत्तर प्रदेश: मऊ जनपद, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, आज चिकित्सा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। मऊ को मेडिकल हब के रूप में पहचान मिली है, जहां निजी अस्पतालों और बड़े ट्रॉमा सेंटरों की भरमार है। लेकिन इन सबके बीच मऊ सदर अस्पताल आम जनता के लिए सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है। यह जनपद का सबसे पुराना और प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
मऊ सदर अस्पताल न केवल स्थानीय लोगों बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को भी मुफ्त और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करता है। 24 घंटे इमरजेंसी सेवाओं के साथ यह अस्पताल आधुनिक मशीनों और टेस्टिंग सुविधाओं से लैस है। यहां एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन, ऑपरेशन थिएटर, मुफ्त दवाइयां और सरकारी योजनाओं के तहत इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है। महिला विंग, चाइल्ड केयर यूनिट, नेत्र विभाग, दंत विभाग, हड्डी विभाग और जनरल ओपीडी सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित होती हैं। इसके अलावा, पोस्टमार्टम और शव गृह की सुविधा भी मौजूद है।
मऊ में दो सरकारी अस्पताल हैं। पुराना सदर अस्पताल रेलवे फाटक, मऊ बाल निकेतन के पास स्थित है, जबकि नया सदर अस्पताल गाजीपुर तिराहा के आगे बनाया गया है, जो आधुनिक सुविधाओं और साज-सज्जा से सुसज्जित है। अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ जनसेवा की भावना से कार्य करते हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलती है।
मऊ सदर अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र है, बल्कि यह जनपद की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह अस्पताल मऊ की पहचान को और निखार रहा है।
