मुरली मनोहर पांडेय
मऊ। आम आदमी पार्टी (AAP) के जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में आज मऊ में दो बड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा गया। पहला, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने की निंदनीय घटना के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। दूसरा, फातिमा हॉस्पिटल में निरीक्षण के दौरान सामने आई कई खामियों को लेकर प्रशासन से सुधार की मांग की गई।
CJI पर हमले की निंदा, कठोर कार्रवाई की मांग
विक्रम जीत सिंह ने CJI पर जूता फेंकने की घटना को संवैधानिक पद और पूरे देश का अपमान करार दिया। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया, जिसमें भाजपा (BJP) और उसकी मातृ संस्था RSS की भूमिका होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कृत्य न केवल न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों को भी ठेस पहुंचाता है।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी ने टेलीविजन पर अपने कृत्य पर गर्व जताया, जो कानून के शासन का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर CJI के खिलाफ अपमानजनक सामग्री और वीडियो (जैसे गले में हांडी बांधने की पुरानी प्रथा की याद दिलाने वाले) फैलाए गए, जिसे उन्होंने दलितों और पिछड़ों के सम्मान पर हमला बताया।
जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने राष्ट्रपति महोदया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और निम्नलिखित मांगें रखीं:
1. CJI पर जूता फेंकने वाले आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई।
2. सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री फैलाने वालों की पहचान और उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करना।
3. न्यायपालिका और संवैधानिक पदों की गरिमा की रक्षा के लिए ठोस कदम।
**फातिमा हॉस्पिटल में खामियां उजागर**
विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में AAP कार्यकर्ताओं ने फातिमा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जहां कई कमियां सामने आईं। जिलाध्यक्ष ने बताया कि सुबह रजिस्ट्रेशन में मरीजों को परेशानी होती है, जिसके लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू करने की मांग की गई। हॉस्पिटल के बाहर गाड़ियों की अव्यवस्थित पार्किंग से जाम की स्थिति बनती है। बरसात में नालियों की सफाई न होने से पानी भर जाता है। साथ ही, मरीजों के लिए पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की कमी है।
**आंदोलन में शामिल रहे कार्यकर्ता**
कार्यक्रम में पुष्पेंद्र राणावत, अवधेश मौर्या, मनोज कुमार, रीता भारती, अंकुर यादव, बिपिन कुमार, महेंद्र यादव सहित कई AAP कार्यकर्ता शामिल रहे।
विक्रम जीत सिंह ने कहा, “यह केवल CJI या हॉस्पिटल का मामला नहीं, बल्कि देश के दलितों, पिछड़ों और संविधान के सम्मान का सवाल है। हम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।”
