रिपोर्ट : प्रिंस प्रजापति
मऊ। डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ में आज प्रसिद्ध साहित्यकार एवं पत्रकार जयंती रंगनाथन जी के साथ छात्र- छात्राओं का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जयंती रंगनाथन जी का विस्तृत एवं प्रेरक संबोधन रहा, जिसमें उन्होंने साहित्य के महत्व, उसके सामाजिक दायित्व तथा साहित्य के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में जयंती रंगनाथन जी ने विशेष रूप से सोशल मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक दौर में साहित्य को तकनीक और आधुनिकता से जोड़कर आय के साधन विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से रचनात्मक लेखन, कविता, कहानी, ब्लॉग, डिजिटल कंटेंट और पत्रकारिता से जुड़े कार्य कर साहित्य के क्षेत्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है। संवाद के दौरान जयंती रंगनाथन जी ने विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे और उनसे प्रत्यक्ष संवाद किया। महक पांडेय, सुहानी सिंह, सर्वेश चौबे एवं आदित्य पांडेय सहित अन्य विद्यार्थियों ने साहित्य में करियर एवं रोजगार की संभावनाओं को लेकर अपने विचार एवं प्रश्न रखे, जिनका जयंती जी ने विस्तारपूर्वक समाधान किया। इस अवसर पर डॉ० बृजेश यादव जी ने विद्यार्थियों को साहित्य की ओर आकृष्ट करते हुए साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० शर्वेश पांडेय जी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के बौद्धिक, रचनात्मक एवं व्यावहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० सीपी राय जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती कंचन राय जी, रामनिवास जी सहित महाविद्यालय के समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे। साथ ही प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश राय जी एवं बृजेश गिरी जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
