रिपोर्ट : बीके सिंह
लखीमपुर खीरी। खीरी जनपद में विकास खण्ड फूलबेहड़ की ग्राम पंचायत बसहा माफी में सरकारी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। यहां विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि की जमकर बंदरबांट की जा रही है। आरोप है कि आवास निर्माण से लेकर शौचालय निर्माण में भी अवैध वसूली कर ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी अपनी तिजोरी भरने में जुटे हुए हैं। वर्तमान समय में ग्राम पंचायत के लठिया प्राथमिक विद्यालय के पास इंटरलाकिंग कार्य में भी पीली ईंट व मानकविहीन निर्माण सामग्री का उपयोग मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। ग्रामीणों की तमाम शिकायतों के बावजूद आला अफसर भ्रष्ट ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक फूलबेहड़ विकास खण्ड क्षेत्र की बसहा माफी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। आरोप है कि ग्राम प्रधान सुशील गुप्ता व सेक्रेटरी सौरभ वर्मा मिलकर सरकारी योजनाओं में बड़ा गोलमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के प्रधान व सेक्रेटरी सिर्फ कागजों में विकास कार्य दिखा कर सरकारी धनराशि की बंदरबांट कर रहे हैं। वर्तमान समय में ग्राम पंचायत में प्राथमिक विद्यालय लठिया के पास इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है, जहां मानकविहीन पीली ईट का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा इंटरलॉकिंग कार्य समेत अन्य विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपयों का गड़बड़झाला कर अपना बैंक बैलेंस बढ़ाया जा रहा है। बसहा माफी गांव के लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान सुशील गुप्ता ने आवास निर्माण व शौचालय के निर्माण में लाभार्थियों से जमकर मोटी रकम वसूल की है। इसके अलावा गांव में कई ग्रामीण ऐसे भी हैं, जिनके नाम पर शौचालय निर्माण की पूरी धनराशि निकाल ली गई है, जबकि उनके शौचालयों का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। वहीं कई पुराने शौचालयों को रंग रोगन कर नये शौचालय दर्शा कर दोबारा से धनराशि निकाली जा रही है। बसहा माफी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव के भ्रष्ट ग्राम प्रधान सुशील गुप्ता व सेक्रेटरी सौरभ वर्मा की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। जिससे सरकारी धनराशि का दुरुपयोग होने से रोका जा सके। इस बाबत फूलबेहड़ के बीडीओ से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन ऑफ आ रहा था। फिलहाल यह तो तय है कि बसहा माफी ग्राम पंचायत में जमकर धांधली की जा रही है। वह जुदा बात है कि अफसरों को यह गड़बड़झाला दिखाई नहीं दे रहा है। अगर जिले के आला अफसर ईमानदारी से बसहा माफी ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण करें, तो ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के भ्रष्टाचार की पोल खुल कर सामने आ जायेंगी।

